
उत्तर प्रदेश के औरैयासे शादी के 15वें दिन पति की हत्या करवाने के मामले में चौंकाने वाली कहानी सामने आई है। प्रगति ने अपनी बहन के देवर दिलीप से अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया था।
उसने शादी से पहले ही दिलीप की हत्या की तैयारी कर ली थी, ताकि उसकी संपत्ति पर कब्जा कर अपने दूसरे प्रेमी अनुराग के साथ जीवन बिता सके।
दिलीप के बड़े भाई अक्षय यादव ने बताया कि भाई और प्रगति तीन वर्ष से एक-दूसरे करीब थे। उनके रिश्तों से परिवार सहमत नहीं थे। उनकी जिद के चलते दोनों की शादी करा दी गई। वह चौथी पर मायके आई और शादी में मुंह दिखाई व अन्य रस्मों में मिले एक लाख रुपये अनुराग को दिए, जिससे वह भाड़े के हत्यारों से दिलीप की हत्या करा सके।
प्रगति की शादी पांच मार्च को उसकी बड़ी बहन पारुल के देवर दिलीप सिंह से हुई थी। मैनपुरी जिले के भोगांव का निवासी दिलीप हाइड्रा चलाता था। उसके पास कई मशीनें थीं, जिन्हें वह किराये पर चलवाता था। उसका एक घर औरैया के दिबियापुर में भी है, जिसमें वह अपने भाई संदीप और अक्षय के साथ रहता था। 19 मार्च को बाइक सवार तीन लोगों ने धारदार हथियार से हमला करने के बाद दिलीप के सिर में गोली मार दी थी।
पुलिस ने सोमवार को प्रगति, प्रेमी अनुराग और सुपारी किलर रामजी नागर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला था कि प्रगति चार वर्ष पुराने और पड़ोस में रहने वाले प्रेमी अनुराग के साथ रहना चाहती थी। 10 मार्च को वह चौथी पर मायके आई और एक होटल में अनुराग से मिली। यहीं उसने हत्या की योजना बनाई और रुपये दिए। मंगलवार को दिलीप के बड़े भाई अक्षय ने बताया कि प्रगति की बहन मैनपुरी में ही ससुराल में रहती है। प्रगति बहन से मिलने आती थी। इस दौरान प्रगति और दिलीप नजदीक आए। एक वर्ष पहले दिलीप की शादी दूसरी जगह तय हुई तो प्रगति ने इसका विरोध किया।
दिलीप ने यहां तक कह दिया था कि आत्महत्या कर लेगा। दोनों की शादी के बाद प्रगति ने जिस तरह अपने पति की हत्या करवा दी, उससे उसकी साजिश साफ पता चलती है कि संपत्ति के लालच में उसने शादी की थी। दिलीप को मरवाने के बाद उसकी संपत्ति कब्जा कर प्रगति अपने प्रेमी अनुराग के साथ रहना चाहती थी। एएसपी आलोक मिश्रा ने बताया कि घटना में अनुराग के मौसी का बेटा इटावा निवासी अनुराग व दो अन्य भी शामिल थे। उनकी तलाश पुलिस तीन टीमें कर रही हैं।