
हाजीपुर। हाजीपुर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेन से पुलिस ने मानव तस्करी के लिए ले जा रहे पांच बच्चों को बचाया है। मानव तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है।
ऑपरेशन आहट के तहत वरीय अधिकारी के निर्देशानुसार निरीक्षक प्रभारी साकेत कुमार के नेतृत्व में बचपन बचाओ आंदोलन के एपीओ अनुपम कुमारी तथा स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला संस्थान के अध्यक्ष सुधीर शुक्ला की टीम के साथ गुप्त सूचना के आधार पर मानव तस्करी की रोकथाम के लिए हाजीपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे।
हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर की गई कार्रवाई
उन्होंने हाजीपुर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेन में जांच के दौरान ट्रेन संख्या 12407 प्लेटफार्म नंबर 2 से मानव तस्करी के लिए लुधियाना ले जा रहे पांच बच्चों के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया।
उक्त कार्रवाई में उपनिरीक्षक नरसिंह यादव, राकेश कुमार, आरक्षी संतोष कुमार एवं आरक्षी शिशुपाल कुमार एवं बचपन बचाओ आंदोलन की एपीओ अनुपम कुमारी व उनकी टीम तथा स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला संस्थान हाजीपुर के अध्यक्ष सुधीर शुक्ला व कोऑर्डिनेटर शालिनी भारती व उनकी टीम तथा चाइल्ड हेल्प लाइन की स्मिता कुमारी शामिल थी।
आरपीएफ हाजीपुर के निरीक्षक साकेत कुमार ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर मानव तस्करी की रोकथाम के क्रम में हाजीपुर जंक्शन से गुजरने वाली गाड़ियो में विशेष जांच अभियान चलाया गया।
अभियान के क्रम में हाजीपुर जंक्शन से गुजरने वाली गाड़ी संख्या 12407 के प्लेटफार्म संख्या 02 पर आगमन उपरांत जांच करने के क्रम में उक्त गाड़ी के पीछे गार्ड ब्रेक की ओर साधारण कोच में कुछ डरे-सहमे बच्चे बैठे हुए पाए गये।
तीन मानव तस्कर गिरफ्तार
सभी बालकों से पूछताछ किया गया तो सभी बालकों ने बताया कि मुझे लुधियाना में सिलाई कंपनी में काम करने के लिए ले जाया जा रहा है। हम लोगों को मनीष कुमार, गोपाल कुमार तथा श्याम बाबू के द्वारा ले जाया जा रहा है, जो कि इसी कोच में ही बैठे हैं।
बालकों की निशानदेही पर उल्लिखित व्यक्ति से आवश्यक पूछताछ की गई। व्यक्ति ने उक्त बच्चों को अपने साथ ले जाने की बात स्वीकार की, परंतु कोई स्पष्ट संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
इसके उपरांत गाड़ी का ठहराव कम होने के कारण ट्रेन से उतार कर डिटेन किया गया। बालकों को भी उनके भविष्य के सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से ट्रेन से उतारा गया तथा रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट हाजीपुर पर लाया गया।
डिटेन किए गए व्यक्तियों से आवश्यक पूछताछ की गई। उक्त बालकों को ले जाने वाले व्यक्तियों के द्वारा बताया गया कि उक्त बच्चों को लुधियाना में सिलाई फैक्ट्री में मजदूरी कराने हेतु लेकर जाया जा रहा था। जिसकी एवज में प्रत्येक बच्चों को 5 से 10 हजार रुपए महीना दिए जाने की बात बताई।
आरपीएफ हाजीपुर के निरीक्षक साकेत कुमार के द्वारा सभी बालकों से नाम, पता पूछते हुए सत्यापन करते हुए समस्त कार्यवाही का नियमानुसार मोबाइल के माध्यम से फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कर सभी बालकों एवं बालकों को ले जाने वाले बाल तस्करों को जीआरपी हाजीपुर को सुसंगत कागजात के साथ सुपुर्द किया गया।
जीआरपी हाजीपुर के द्वारा सभी मानव तस्करों के विरुद्ध मामला पंजीकृत सभी बालकों को चाइल्ड हेल्प लाइन हाजीपुर को सुपुर्द कर दिया गया।