गोपालगंज में गंडक नदी का तांडव शुरू, 50 से अधिक गावों में घुसा पानी, मुख्यालय से टूटा संपर्क

0
1934
PAY NOW

सारण/गोपालगंज:- नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद गोपालगंज के लगभग 50 गांव में पानी प्रवेश चुका है। जिसको देखते हुए सारण, सिवान और गोपालगंज के लोगों में भय व्याप्त है। आपको बता दें कि पिछले साल आई भयावह बाढ़ में जिन लोगों का नुक़सान हुआ था। जिसका पूर्ति आज तक नहीं हो पाया है और फिर पुनः बाढ़ आने की खबर से लोगो के होश उड़ गए हैं। Chapra Tak बाढ़ से जुड़ी खबरें आप तो पल-पल पहुंचा रहा है। आपको बता दें कि गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर से हमारे संवाददाता मिथिलेश कुमार शर्मा तथा शंभू यादव लगातार बाढ़ से जुड़ी हर एक अपडेट आप तक पहुंचा रहे हैं।

आपको बता दें कि नेपाल में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। नेपाल की 2 नदियां लाल रेखा को पार कर गई हैं। जिसके कारण बाल्मीकिनगर गंडक बराज पर लगातार जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। आने वाले 48 घंटे में जलस्तर में कमी की कोई संभावना नहीं है। विशेषज्ञों की मानें तो नेपाल के नारायणघाट में लगातार जलस्तर में वृद्धि हो रही है, जो पानी सीधे गंडक नदी में पहुंच रहा है।बुधवार की शाम 6 बजे बराज से 4 लाख 8 हजारन क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बांध को बचाने के लिए रातभर जिला प्रशासन मुस्तैत रहा और टूट रहे बांध की मरम्मती कराएं गए।

बुधवार की शाम को छोड़े गए पानी गुरूवार काे गंडक नदी के रास्ते निकल रहा है। जो सोनपुर के पास गंगा नदी में मिलेगी।

बांध को सुरक्षित रखने के लिए डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी अधिकारियों के साथ बांध की निगरानी कर रहे है। नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण जिले के लगभग 50 गांवों में पानी प्रवेश कर गया है। इन गांवों के लोग उच्चे स्थान पर अपना बसेरा बनाने में जूटे हुए है। गोपालगंज,कुचायकोट,मांझा बरौली और बैकुंठपुर प्रखंड के जगीरी टोला, हीरापाकड, मेंहदिया, पतहरा, खगौली, तिवारी टोला, धुसा टोला,बलूआ टोला,अहिरौली,हसनपुर सल्लेहपुर समेत एक दर्जन गांवों के लोगों सुरक्षित रह सकें, इसके लिए जिला प्रशासन बांध के बाहर निकलने के लिए माइकिंग करा रही है। है। बढ़ते जल स्तर को देखते हुए बांध और छरकियों को बचाने के लिए जिले के अधिकारी अभी से रात औँर दिन जुटे हुए हैं। इनकी रातें छरकी व बांध पर ही कटने लगी हैं। डीएम, एसडीएम व अन्य अधिकारियों ने बुधवार की देर शाम सिकटिया, भैसहीं, पतहरा, ख्वाजेपुर, विक्रमपुर सहित सारण बांध व छरकियों के कई स्थलों का निरीक्षण किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here